【819+】Latest Guru Purnima Shayari In Hindi (2026) | गुरु के सम्मान में नई और सुंदर शायरी 🙏

【819+】Latest Guru Purnima Shayari In Hindi (2026) | गुरु के सम्मान में नई और सुंदर शायरी 🙏

Guru Purnima Shayari In Hindi: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर, हम लाए हैं आपके लिए सबसे ख़ूबसूरत शायरियों का संग्रह। इस लेख में आपको मिलेगी Latest Guru Purnima Shayari In Hindi, जो आपके गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करेगी।

यह पंक्तियाँ आपके गुरु के प्रति गहरे स्नेह और सम्मान को दर्शाएंगी। Latest Guru Purnima Shayari In Hindi के साथ, आप अपनी भावनाओं को सुंदर शब्दों में पिरो सकेंगे।

इन लेटेस्ट गुरु पूर्णिमा शायरी को आप अपने स्टेटस पर लगा सकते हैं या अपनों को भेज सकते हैं। Latest Guru Purnima Shayari In Hindi को शेयर करके गुरु पर्व की शुभकामनाएं दें।

Guru Purnima Shayari In Hindi

Guru Purnima Shayari In Hindi

गुरु पूर्णिमा का ये पावन पर्व,
लाए खुशियों की सौगात,
आपके चरणों में शत-शत नमन,
जीवन भर रहे आपका साथ।

ज्ञान की ज्योति जलाए जो,
अंधकार को दूर भगाए,
ऐसे गुरु को शत-शत नमन,
जीवन राह को रोशन बनाए।

कदम-कदम पर राह दिखाए,
जीवन की हर मुश्किल सुलझाए,
गुरु की महिमा अपरंपार,
उनके चरणों में शीश झुकाए।

गुरु का आशीर्वाद मिले,
जीवन में हर पल खिले,
सफलता की राह सुगम हो,
हर सपना आपका पूरा मिले।

अंधकार से प्रकाश की ओर,
गुरु का ही है ये ओर,
अज्ञानता मिटाते हैं वो,
बनकर जीवन का छोर।

शब्दों में बयां कर न सकूँ,
गुरु की महिमा अपार,
आशीर्वाद आपका बना रहे,
जीवन का यही आधार।

हर जन्म मिले आपका साथ,
थामे रहे आप मेरा हाथ,
गुरु बिन जीवन अधूरा,
आप ही मेरे जग के नाथ।

ज्ञान का सागर हैं गुरु,
आपसे ही सीखा हमने,
जीवन की हर राह पर,
आपका साया है संग हमने।

गुरु बिन ज्ञान नहीं,
गुरु बिन शक्ति नहीं,
गुरु बिन जीवन व्यर्थ,
गुरु ही है भक्ति।

कोटि-कोटि नमन स्वीकार करो,
मेरे प्यारे गुरुदेव,
आपके दिखाए रास्ते पर,
चलना है बस यही है मेरा स्वप्न।

ज्ञान की गंगा बहाने वाले,
अंधकार को दूर भगाने वाले,
मेरे गुरुदेव को शत-शत नमन,
जीवन मेरा महकाने वाले।

गुरु पूर्णिमा की हार्दिक बधाई,
खुशियों से भरा हो जीवन,
आपके दिखाए मार्ग पर,
मिलती रहे हर पल नव जीवन।

हे गुरुदेव, आपका उपकार,
हमेशा रहेगा मेरे सिर का ताज,
आपके चरणों में ही मिलता है,
मुझे सच्चा सुख और राज।

ज्ञान की मूरत, प्रेम की छाँव,
आप हैं मेरे जीवन की नाव,
गुरु पूर्णिमा पर यही कामना,
खुशियों से महके आपका गाँव।

गुरु ही ईश्वर, गुरु ही ज्ञान,
गुरु ही मिटाए मन का संताप,
आपके चरणों की रज पा लूँ,
यही है मेरी एक कामना।

अज्ञान के तिमिर को चीर,
ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं,
ऐसे महान गुरु को मेरा,
कोटि-कोटि प्रणाम।

मन की हर कली खिलाए,
जीवन को महकाए,
गुरु की वाणी अमृत,
जीवन सफल बनाए।

सदियों तक गूंजे आपका नाम,
गुरुवर, आपको मेरा प्रणाम,
आपके दिए ज्ञान से,
खुशहाल हो हर इंसान।

जो राह दिखाए जीवन की,
जो दूर करे हर पीड़ा,
वो गुरु ही तो है,
जिससे मिलती है शक्ति।

आज का दिन है खास,
जब गुरु का है वास,
आशीर्वाद आपका मिले,
हर पल हो उल्लास।

Guru Purnima Shayari In Hindi For Teachers

Guru Purnima Shayari In Hindi For Teachers

गुरुवर का आशीर्वाद सदा, आपके संग रहे
ज्ञान की ज्योति से जीवन, सदा जगमगाए
आपका मार्गदर्शन पाकर, हम धन्य हुए हैं
गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं, स्वीकारें।

शब्दों में बाँधूँ कैसे, आपके उपकार
हर पल सिखाया आपने, जीवन का सार
आज इस शुभ दिन पर, नमन है आपको
गुरु पूर्णिमा की बधाई, स्वीकारें आप।

जो राह दिखाते हैं, वही गुरु कहलाते हैं
ज्ञान का सागर बनकर, सबको नहलाते हैं
आपके चरणों में मेरा, शत-शत प्रणाम
गुरु पूर्णिमा मुबारक हो, मेरे प्यारे हमदम।

ज्ञान का दीपक जलाया, अँधेरा मिटाया
आपके दिखाए रास्ते पर, जीवन सफल बनाया
आज आपकी पूजा में, मन मेरा रमता है
गुरु पूर्णिमा का पर्व, हमें यह कहता है।

बिना स्वार्थ के दिया ज्ञान, अनमोल खजाना
आपने

Happy Guru Purnima Shayari In Hindi

Happy Guru Purnima Shayari In Hindi

गुरु बिन ज्ञान कहाँ, गुरु बिन मुक्ति कहाँ,
गुरु के चरणों में जन्नत सारी,
वो हैं जीवन के मार्गदर्शक,
गुरु पूर्णिमा की बधाई, स्वीकारें हमारी।

अंधेरे से उजाले की ओर ले जाते हैं,
जीवन का सही अर्थ सिखाते हैं,
ऐसे गुरु को शत शत नमन,
गुरु पूर्णिमा पर दिल से प्रणाम।

ज्ञान का सागर, भक्ति का भण्डार,
मेरे गुरु हैं सबसे महान,
उनके चरणों में मेरा प्रणाम,
गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ।

शब्दों में बयाँ कर न सकूँ,
गुरु का दर्जा है कितना महान,
वो ही हैं मेरे जीवन का आधार,
गुरु पूर्णिमा का करूं अभिवादन।

मन मंदिर में ज्योति जलाएं,
अज्ञान के तिमिर को मिटाएं,
गुरु का आशीर्वाद सदा संग,
जीवन पथ पर आगे बढ़ाते जाएं।

आपके ज्ञान की ज्योति से,
जीवन मेरा रोशन हुआ,
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर,
मेरा हृदय कृतज्ञता से भर गया।

गुरु हैं ईश्वर का रूप,
ईश्वर की है वो देन,
गुरु के श्री चरणों में,
बारम्बार करें नमन।

हर मुश्किल को आसान बनाते हैं,
जीवन की राहों को सुगम बनाते हैं,
ऐसे गुरु को मेरा प्रणाम,
गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं।

आपकी प्रेरणा, आपका मार्गदर्शन,
मेरे जीवन की अनमोल पूंजी,
गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर,
नमन करता हूँ बारम्बार।

मेरे जीवन के सारथी,
मेरे पथ प्रदर्शक,
आपके श्री चरणों में,
गुरु पूर्णिमा का नमन।

ज्ञान का दीपक जलाकर,
अंधेरा दूर किया,
गुरुदेव आपके चरणों में,
जीवन समर्पित किया।

दुनिया को समझना सिखाया,
खुद को पहचानना सिखाया,
ऐसे गुरु को मेरा सलाम,
गुरु पूर्णिमा पर करता हूं प्रणाम।

जो सिखाए जीवन जीना,
हर गलती को सुधारना,
ऐसे गुरु के चरणों में,
शीश झुकाऊं बारम्बार।

अक्षर ज्ञान से परे,
जीवन का ज्ञान दिया,
गुरु पूर्णिमा पर,
आपको शत शत नमन किया।

आपके उपदेशों से,
जीवन को मिली है दिशा,
गुरु पूर्णिमा के दिन,
स्वीकारें मेरी निष्ठा।

बिना स्वार्थ के देते ज्ञान,
ईश्वर का दूसरा रूप,
गुरु पूर्णिमा पर,
सदा करें आपका स्मरण।

मेरे आदर्श, मेरे प्रेरणास्रोत,
मेरे गुरु, मेरे भगवान,
गुरु पूर्णिमा के इस अवसर पर,
आपके चरणों में करूं प्रणाम।

ज्ञान की गंगा बहाई,
हर प्यास बुझाई,
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर,
गुरु कृपा मुझ पर छाई।

कठिन राहों पर,
सहारा बनकर चलते हैं,
मेरे गुरु के श्री चरणों में,
हमेशा सिर झुकता है।

इस पावन दिवस पर,
गुरुदेव आपको प्रणाम,
आपके आशीर्वाद से,
मिटे हर गम, हो हर काम।

Maa Papa Guru Purnima Shayari In Hindi

Maa Papa Guru Purnima Shayari In Hindi

मेरे गुरु, माँ-बाबा, जिनका साया मुझ पर सदा,
ज्ञान की ज्योति जलाई, राह दिखाई हर सदा।
आपके चरणों में मेरा शीश झुके, शत-शत नमन,
गुरु पूर्णिमा की बधाई, आप ही मेरे जीवन का धन।

माँ-बाबा, मेरे पहले गुरु, जिन्होंने सिखाई हर बात,
आपके आशीर्वाद से ही, रोशन हुई मेरी हर रात।
ज्ञान का सागर आप दोनों, मैं तो बस एक प्यासी बूंद,
गुरु पूर्णिमा पर वंदन, मेरी हर पुकार सुन।

जिनके बिना जीवन अधूरा, वो माँ-बाबा मेरे महान,
गुरु बनकर दी शिक्षा, पूरा किया हर अरमान।
गुरु पूर्णिमा का पर्व आया, मन में है ये अभिलाषा,
आपकी चरणों की सेवा, ही मेरी सच्ची आशा।

ज्ञान की गंगा बहाई, माँ-बाबा, आपने ही मुझमें,
ईश्वर का रूप आप दोनों, पूजूं मैं हर दम तुम्हें।
गुरु पूर्णिमा की बेला, करूं आपका अभिनंदन,
आपके त्याग, प्रेम, शिक्षा का, करता हूँ मैं वंदन।

शब्द नहीं, जो बयां कर पाऊं, आपका अहसान,
माँ-बाबा, आप ही मेरे जीवन के, सच्चे भगवान।
गुरु बनकर राह दिखाई, हर कदम पे संभाला,
गुरु पूर्णिमा की शुभ कामनाएं, आपसे है ये उजाला।

सबसे बड़े गुरु मेरे, माँ-बाबा, जिनका प्यार,
हर मुश्किल में साथ दिया, हर पल, हर बार।
आपके चरणों में ही मिला, ज्ञान का अनुपम दान,
गुरु पूर्णिमा के दिन, करूं आपका गुणगान।

माँ-बाबा, आपका आशीर्वाद, मेरा सबसे बड़ा धन,
ज्ञान की ज्योत जलाकर, किया जीवन मेरा पावन।
गुरु बनकर सिखाया जीने का, असली सलीका,
गुरु पूर्णिमा पर आपका, करूं मैं अभिनन्दन।

जिसने सिखाई दुनिया सारी, वो मेरे माँ-बाबा,
ज्ञान की राह पर मेरे, आप ही बने सहारा।
गुरु पूर्णिमा के इस अवसर पर, करूं नमन,
आप ही मेरे जीवन के, सच्चे रक्षक, मेरे जन।

आपके ज्ञान की ज्योति से, रोशन मेरा संसार,
माँ-बाबा, आप ही मेरे जीवन के, गुरु और आधार।
गुरु पूर्णिमा पर करता हूँ, शत-शत प्रणाम,
आपके बिना जीवन मेरा, है बिल्कुल बेनाम।

जिनसे पाया जीवन का, पहला ज्ञान,
मेरे माँ-बाबा, मेरे गुरु, मेरा अभिमान।
गुरु पूर्णिमा के पावन दिन, करूं वंदन,
आपकी छाया में ही, सीखा जीवन का हर क्षण।

माँ-बाबा, आप ही मेरे, पथ-प्रदर्शक,
आपके ज्ञान से ही, मैं बना हूँ अब सक्षम।
गुरु पूर्णिमा की बेला, है ये अर्पण,
आपके चरणों में मेरा, जीवन है समर्पित।

ज्ञान का दीपक जलाया, माँ-बाबा, आपने,
अंधकार मेरा मिटा दिया, अपनी कृपा से।
गुरु पूर्णिमा पर मिले, यही आशीर्वाद,
आपका प्रेम, आपका ज्ञान, ही मेरा संसार।

सबसे बड़ा शिक्षक मेरा, माँ-बाबा का प्यार,
जीवन की हर राह पर, किया मुझको तैयार।
गुरु पूर्णिमा के दिन, करता हूँ प्रणाम,
आप ही मेरे जीवन का, सबसे अनमोल नाम।

आपके दिखाए रास्ते पर, चलता हूँ हर पल,
माँ-बाबा, आप ही मेरे गुरु, आप ही मेरे कल।
गुरु पूर्णिमा पर करूं, हृदय से ये अर्चन,
आपका आभारी रहूंगा, मैं हर जन्म, हर क्षण।

जिसने सिखाई हर अच्छी बात, मेरे माँ-बाबा,
गुरु बनकर दी मुझे, जीवन की हर कला।
गुरु पूर्णिमा पर करूं, हृदय से ये वंदन,
आपके चरणों में ही, मेरा सच्चा अर्पण।

माँ-बाबा, आप ही मेरे, जग के रक्षक,
गुरु बनकर सिखाई, जीवन की हर एक तरकीब।
गुरु पूर्णिमा पर करूं, आपका गुणगान,
आप ही मेरे जीवन का, सबसे बड़ा वरदान।

आपके ज्ञान की कृपा से, मैं हूँ आज यहाँ,
माँ-बाबा, आप ही मेरे गुरु, आप ही हैं खुदा।
गुरु पूर्णिमा के इस शुभ अवसर पर,
आपके चरणों में मेरा, है प्रेम भरा नमन।

माँ-बाबा, आप ही मेरे, जीवन की शक्ति,
गुरु बनकर दी मुझको, हर सही युक्ति।
गुरु पूर्णिमा पर मिले, आपका आशीर्वाद,
आप ही मेरे जीवन के, सबसे बड़े सुख-प्रसाद।

ज्ञान का अनुपम भण्डार, मेरे माँ-बाबा,
गुरु बनकर दी मुझको, जीवन की आभा।
गुरु पूर्णिमा पर करूं, शत-शत प्रणाम,
आपकी सेवा से बढ़कर, नहीं कोई काम।

माँ-बाबा, आप ही मेरे, जीवन का सार,
गुरु बनकर दी मुझको, हर सही राह, हर बार।
गुरु पूर्णिमा पर मिले, यही आशीर्वाद,
आपका प्रेम, आपका ज्ञान, ही है मेरा प्रसाद।

Mata Pita Guru Purnima Shayari In Hindi

Mata Pita Guru Purnima Shayari In Hindi

गुरु का दर्जा है भगवन से भी प्यारा,
गुरु वही है जो सिखाए सही राह,
ज्ञान का प्रकाश फैलाए जीवन में,
ऐसे गुरु को मेरा शत शत प्रणाम।

माता-पिता, गुरुजन, ईश्वर का रूप,
जीवन की हर राह में देते हैं साथ,
इनके आशीष से ही सफल हो जीवन,
इन चरणों में मेरा प्रणाम स्वीकार हो।

जन्म दिया माता-पिता ने,
ज्ञान दिया गुरु ने,
इन दोनों के ऋणी हैं हम,
जीवन भर आभार रहेगा।

जिनकी छाया में बीता बचपन,
जिनकी सीख से मिली पहचान,
माता-पिता, गुरुवर को,
गुरु पूर्णिमा पर मेरा प्रणाम।

आपकी छत्रछाया में सीखा,
जीवन का हर रंग,
माता-पिता, गुरुवर को,
नमन, स्वीकारो मेरा अभिनंदन।

ज्ञान का सागर, धैर्य का भंडार,
जीवन की हर मुश्किल में,
देते हैं जो सहारा,
मेरे माता-पिता, गुरुवर को प्रणाम।

बिना गुरु ज्ञान अधूरा,
बिना माता-पिता जीवन अधूरा,
दोनों ही हैं ईश्वर समान,
गुरु पूर्णिमा पर इन्हें शत प्रणाम।

जीवन की पहली गुरु माँ,
जीवन का आधार पिता,
ज्ञान के प्रकाशक गुरु,
इन सबको मेरा प्रणाम।

शब्दों में कैसे बयां करूं,
आपका उपकार,
माता-पिता, गुरुवर,
आप ही हैं मेरे आधार।

ज्ञान की ज्योति जलाने वाले,
अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले,
मेरे गुरुजन, माता-पिता,
आप सबको मेरा प्रणाम।

जीवन की हर सीढ़ी पर,
जिनका रहा है साथ,
मेरे गुरु, मेरे माता-पिता,
इनको मेरा सादर प्रणाम।

शिक्षा ही नहीं, संस्कार भी दिए,
जीवन की राहें आसान की,
मेरे गुरु, मेरे माता-पिता,
आपकी महिमा अपरंपार।

जब राह भटका,
आपने दी राह,
मेरे जीवन के सार,
मेरे गुरु, माता-पिता को प्रणाम।

अनंत उपकार हैं आपके,
जो शब्दों में ना समाएं,
मेरे गुरु, मेरे माता-पिता,
आपके चरणों में मेरा शीश झुकाएं।

ज्ञान का प्रकाश बिखेरा,
जीवन को संवारा,
मेरे गुरु, मेरे माता-पिता,
आप ही मेरे जग के सहारा।

गुरु, माता, पिता,
तीन रूप हैं एक,
ईश्वर से बढ़कर,
इनको मेरा प्रणाम।

आपकी प्रेरणा से,
जीना सीखा,
मेरे गुरु, मेरे माता-पिता,
आपको मेरा शत शत नमन।

हर कदम पर संभाला,
दी है उचित शिक्षा,
मेरे गुरु, मेरे माता-पिता,
आपकी है महती कृपा।

जीवन का हर पल,
आपके नाम,
मेरे गुरु, मेरे माता-पिता,
आपको मेरा प्रणाम।

अज्ञान का अंधकार मिटाया,
ज्ञान का दीपक जलाया,
मेरे गुरु, मेरे माता-पिता,
आपको मेरा प्रणाम।

Maa Baap Guru Purnima Shayari In Hindi

Maa Baap Guru Purnima Shayari In Hindi

गुरु बिन ज्ञान कहाँ, और ज्ञान बिन जीवन अधूरा
माँ-बाप मेरे गुरु हैं, जिनका उपकार है पूरा
उनकी शिक्षा, उनका आशीर्वाद, सदा मेरे संग
गुरु पूर्णिमा पर करता हूँ, मैं उन्हें प्रणाम।

शिक्षक दिवस पर याद आए, गुरु का वो सच्चा प्यार
पर माँ-बाप से बड़ा कोई, जग में नहीं उपकार
इन्होंने ही चलना सिखाया, इन्होंने ही राह दिखाई
गुरु पूर्णिमा पर इनकी, महिमा सबसे निराई।

ज्ञान की देवी माँ है, और पिता मेरे ईश्वर
इन दोनों से ही सीखा, जीवन का हर मंज़र
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर,
इन चरणों में मेरा शत शत नमन।

बिना माँ-बाप के नहीं होती, जीवन की शुरुआत
वही सिखाते पहला अक्षर, वही देते सौगात
इनसे बढ़कर गुरु कौन,
इनकी छाया में ही मिटता हर ग़म।

शब्दों में क्या बाँधूँ, गुरु का वो अनमोल ज्ञान
जो माँ-बाप देते हैं मुझको, हर पल, हर सामान
उनकी कृपा से ही मिला,
जीवन का हर सुख, हर वरदान।

माता-पिता मेरे जग के, सबसे बड़े गुरु हैं
उनकी शिक्षा से ही जीवन में, भरते सुर
गुरु पूर्णिमा पर करूँ नमन,
इनकी चरण-धूलि में मेरा सब कुछ है अर्पण।

ज्ञान की पहली किरण, माँ की लोरी से आई
पिता की डाँट ने सिखाई, जीने की सच्चाई
दोनों ही मेरे गुरु महान,
इनके आगे क्या कोई और पहचान।

अनंत उपकार हैं इन पर, कैसे चुका पाऊँ
जीवन की हर राह पर, इनका ही नाम गाऊँ
माँ-बाप मेरे गुरु हैं,
इनकी बदौलत ही मैं आज यहाँ हूँ।

दुनिया की हर किताब से, अनमोल है इनका ज्ञान
माँ-बाप की सीख से ही, होता है इंसान
गुरु पूर्णिमा के दिन,
करूँ वंदन, करूँ अभिनन्दन।

जो सिखाया है मुझको, वो है सबसे अनमोल
माँ-बाप मेरे गुरु हैं, जिनका है दिल बोल
इनकी बातों में है,
हर समस्या का हल, हर मुश्किल का तोल।

शब्दों के जाल से परे, जो है मेरा सच्चा ज्ञान
वो माँ-बाप की कृपा से है, है ये मेरा ईमान
गुरु पूर्णिमा के पर्व पर,
इनके श्री चरणों में मेरा प्रणाम।

मेरी हर साँस में शामिल, मेरे माँ-बाप की दुआ
वही मेरे गुरु हैं, और वही मेरे खुदा
इनकी शिक्षा से ही,
जीवन मेरा है सदा।

दुनिया का हर रास्ता, इन्होंने ही दिखाया
हर मुश्किल में साथ दिया, हर ग़म को सहलाया
माँ-बाप मेरे गुरु हैं,
इनकी कृपा से ही जीवन है संवारा।

ज्ञान का सागर ये दोनों, इनमे ही सब समाया
गुरु पूर्णिमा पर इनका, ऋणी हूँ, ये है सत्य बताया
इनकी गोद ही मेरा विद्यालय,
इनकी सीख ही मेरा विद्यालय।

हर गलती पर समझाते, हर राह पर राह दिखाते
माँ-बाप से बढ़कर कोई, गुरु नहीं हो पाते
इनके आशीष से ही,
जीवन मेरा सुख से भर जाए।

बिना किसी स्वार्थ के दिया, मुझको सब कुछ
माँ-बाप मेरे शिक्षक हैं, उनसे ही है मेरा रुत
गुरु पूर्णिमा पर,
इनके चरणों में मेरा शीश झुके।

जो सिखाया इन्होंने, वो कभी भूल न पाऊँ
इनके उपकार का कर्ज, मैं कभी न चुका पाऊँ
माँ-बाप मेरे गुरु हैं,
इनकी छाया में ही जीवन बिताऊँ।

दुनिया की हर सीख मुझे, इनके मुख से मिली
माँ-बाप से बढ़कर कोई, गुरु नहीं है भली
गुरु पूर्णिमा के दिन,
इनकी महिमा गाऊँ, इनकी भक्ति करूँ।

ज्ञान का दीपक जलाया, अँधेरा दूर भगाया
माँ-बाप मेरे गुरु हैं, इन्होंने ही जीवन संवारा
इनकी शिक्षा अनमोल,
इनकी बातें, जीवन का मोल।

ये मेरे जीवन के आधार, ये मेरे गुरु महान
इनकी शिक्षा, इनका प्यार, सदा मेरे श्रीमान
गुरु पूर्णिमा पर,
करूँ नमन, करूँ आभार।

Guru Purnima Special Shayari In Hindi

Guru Purnima Special Shayari In Hindi

गुरु बिन ज्ञान का सागर, कोई नहीं
जीवन का सार, कोई नहीं
आपके चरणों में शीश झुकाएं,
आपके जैसा दूजा, कोई नहीं।

ज्ञान का दीपक जलाया आपने,
अंधकार को मिटाया आपने,
गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर,
जीवन को राह दिखाया आपने।

शिष्य का मन सदा ऋणी रहेगा,
आपके उपदेशों का,
गुरु पूर्णिमा की शुभकामना,
लेकर आए हैं हम,
आपके स्नेहिल आशीषों का।

अज्ञानता के सागर से,
हमें पार लगाया है,
गुरुवर, आपके ज्ञान ने,
जीवन संवार दिया है।

शब्दों में बयां कर न सकें,
आपका आभार,
आपसे ही सीखा है हमने,
जीवन का हर व्यवहार।

नमन है गुरु चरणों में,
जहां मिलता है ज्ञान,
आपकी शिक्षाएं,
मेरे जीवन का,
अनमोल वरदान।

सूरज सा तेज,
चाँद सी शीतल छाया,
गुरु का आशीर्वाद,
हर पल साथ निभाए।

अंधेरे में रौशनी,
बनकर आए आप,
जीवन की हर मुश्किल,
में बने सहारा आप।

शिक्षक नहीं, मेरे,
पथप्रदर्शक हैं आप,
गुरु पूर्णिमा पर,
नमन है आपको,
बारंबार आप।

मिटाकर अज्ञान,
देते हो नया ज्ञान,
आपकी महत्ता,
नहीं है,
किसी से कम, हे भगवान।

गुरु का हाथ,
जब सिर पर होता है,
जीवन की हर राह,
पर,
सफल वो होता है।

चरणों में आपके,
गुरु, शीश झुकाता हूँ,
आपका आशीर्वाद,
पाकर,
जीवन को संवारता हूँ।

आपसे सीखा,
सब कुछ,
जीवन की हर चाल,
गुरु पूर्णिमा,
पर,
आपको,
करूँ,
मैं,
कमाल।

ज्ञान की ज्योति,
जलाए,
जो,
अंधकार,
मिटाए,
ऐसे,
गुरु,
को,
शत,
शत,
नमन।

आपके,
कदमों में,
जीवन,
वार,
दूँ,
गुरु,
आप,
हैं,
मेरा,
आधार।

जीवन,
की,
हर,
राह,
पर,
आप,
ही,
तो,
साथ,
थे,
गुरु,
आप।

अंधेरों से,
निकालकर,
रोशनी,
दिखाई,
गुरु,
आपके,
ज्ञान,
की,
ऊंचाई।

आपकी,
वाणी,
में,
अमृत,
भरा,
गुरु,
आपसे,
जीवन,
मेरा,
भरा।

ज्ञान,
का,
सूर्य,
आप,
हैं,
गुरु,
अज्ञान,
दूर,
करते,
सब,
अनुकूल।

शिष्य,
की,
हर,
कामना,
पूरी,
करें,
आप,
गुरु,
आप,
ही,
तो,
हैं,
मेरा,
सर्वस्व।

Guru Purnima Par Guru Ke Liye Shayari In Hindi

Guru Purnima Par Guru Ke Liye Shayari In Hindi

गुरु बिन ज्ञान कहाँ, गुरु बिन मुक्ति कहाँ,
आपके चरणों में शीश झुकाऊं, हे गुरुवर, आपसे भक्ति कहाँ।
जीवन का पथ दिखाया आपने, अंधकार को दूर किया,
आपके दिखाए रास्ते पर चलकर, जीवन सार्थक हुआ।

शब्दों के सागर में, ज्ञान की मोती बिखेरी,
आपने सिखाई हमको, जीवन जीने की कला,
आपके बिना हम थे अधूरे, आप ही हमारी प्रेरणा,
गुरु पूर्णिमा पर नमन आपको, आप हैं सबसे आला।

अज्ञान के तिमिर को हरने वाले, ज्ञान का प्रकाश,
आपकी कृपा से मिला जीवन, जीने का नया आस।
आपके दिखाए मार्ग पर चलते, हमने राह पाई,
गुरु पूर्णिमा के इस पावन दिन, आपको शत शत बधाई।

शिष्य का हृदय है खाली, यदि गुरु का साथ ना हो,
जीवन की राह है मुश्किल, यदि आपके हाथ ना हो।
हर पल, हर क्षण, आपका आशीर्वाद बना रहे,
गुरु पूर्णिमा पर हे गुरुवर, प्रेम भाव यूँही बना रहे।

अंधेरे में भटकते थे हम, रास्ता नहीं था कोई,
आपके ज्ञान के दीपक से, रोशन हुई राह मेरी।
शब्दों से बढ़कर आपका प्रेम, भावों से बड़ा आपका ज्ञान,
गुरु पूर्णिमा पर करता हूँ, मैं आपको शत शत प्रणाम।

ज्ञान की गंगा बहाई आपने, जीवन को सींचा,
हर मुश्किल को पार किया, जब आपने हाथ खींचा।
आपका उपकार है मुझ पर, इतना बड़ा,
कैसे चुका पाऊँगा, ये कर्ज़, हे गुरुवर, बड़ा।

गुरु ही ईश्वर का रूप है, ये बात है सच्ची,
आपके बिना ये दुनिया, लगती है फीकी।
आपके चरणों में है स्वर्ग, आपकी छाया में सुकून,
गुरु पूर्णिमा पर आपको, मेरा कोटि कोटि नमन।

हर प्रश्न का उत्तर, हर समस्या का हल,
आपकी शिक्षा से सीखा, जीवन का हर कल।
आपके आदर्शों पर चलकर, हम आगे बढ़ेंगे,
गुरु पूर्णिमा पर आपको, सादर नमन करेंगे।

अक्षर ज्ञान से परे, जो सिखाया आपने,
जीवन की कला, वो ही है असली ध्येय।
आपके आशीर्वाद से, हर बाधा पार हो,
गुरु पूर्णिमा पर, यही है मेरा निवेदन।

मात-पिता से पहले, गुरु का स्थान,
इनकी शिक्षा से ही, होता है सम्मान।
आज के दिन, नमन है उनको,
जिन्होंने जीवन का, true meaning सिखाया हमको।

आपके दिए उपदेश, सदा मेरे संग,
मेरे जीवन को देते हैं, हर पल नव उमंग।
आपकी शिक्षा है अनमोल, आपका ज्ञान है अपार,
गुरु पूर्णिमा पर, करता हूँ आपको नमस्कार।

मेरे जीवन की बगिया को, आपने ही सींचा,
हर पतझड़ में, आपने ही फूल खिलाया।
आपके बिना मैं क्या था, ये जानता हूँ मैं,
गुरु पूर्णिमा पर, आपका ऋणी हूँ मैं।

वाणी में आपकी शहद, हृदय में करुणा,
आपने ही सिखाई, सबको प्रेम भावना।
आप ही मेरे पथप्रदर्शक, आप ही मेरे भगवान,
गुरु पूर्णिमा पर, आपको है मेरा प्रणाम।

ज्ञान का प्रकाश बनकर, राह दिखाई,
अज्ञान के अँधेरे से, मुक्ति दिलाई।
आपके चरणों में ही, मिलता है आराम,
गुरु पूर्णिमा पर, मेरा आपको सलाम।

जो सिखाया आपने, वो भूला न जाएगा,
आपके उपदेशों का, सदा मान रहेगा।
आपकी कृपा से, जीवन सफल हुआ,
गुरु पूर्णिमा पर, आपको कोटि नमन हुआ।

गुरु है वो दीपक, जो जीवन जलाता है,
अँधेरे को चीरकर, उजाला लाता है।
आपके दिखाए रास्ते पर, हम चलते रहेंगे,
गुरु पूर्णिमा पर, आपको नमन करते रहेंगे।

आपके ज्ञान की दौलत, है सबसे बड़ी,
आपके बिना मेरी दुनिया, लगती है तड़पी।
आपके चरणों की छाँव, में मिलता है सुकून,
गुरु पूर्णिमा पर, स्वीकारें मेरा नमन।

जीवन का हर पल, आपका ऋणी है,
आपने ही तो सिखाया, क्या सही है।
आपके आर्शीवाद से, हर मुश्किल आसान,
गुरु पूर्णिमा पर, करता हूँ आपको प्रणाम।

अँधेरे से उजाले तक, ले जाने वाले,
मेरे जीवन को, अर्थ समझाने वाले।
आप ही मेरे आदर्श, आप ही प्रेरणा,
गुरु पूर्णिमा पर, शत शत वंदन।

शब्द आपके, अमृत समान,
आपने ही भर दिया, जीवन में ज्ञान।
आपके चरणों में, मेरा शीश झुके,
गुरु पूर्णिमा पर, आपकी जय हो।

Conclusion

यह संकलन, Latest Guru Purnima Shayari In Hindi, गुरु के प्रति कृतज्ञता और स्नेह व्यक्त करने का एक सुंदर माध्यम है। इन पंक्तियों में वह भाव समाहित है जो शिष्यों के हृदय से गुरु के चरणों तक पहुँचता है, जिससे रिश्तों की गहराई और भी बढ़ जाती है।

आपके प्रियजनों के लिए Latest Guru Purnima Shayari In Hindi के इन अनमोल संदेशों में गुरु के प्रति असीम श्रद्धा और सम्मान की भावनाएं छिपी हैं। यह अपने गुरुजनों के ज्ञान और मार्गदर्शन के प्रति आभार जताने का एक मार्मिक तरीका है, जो हमेशा स्मरणीय रहेगा।

यह Latest Guru Purnima Shayari In Hindi आपको अपने गुरुओं को धन्यवाद कहने और उनके अमूल्य योगदान को याद करने के लिए प्रेरित करती है। इन शायरियों के माध्यम से आप अपने गुरुजनों के प्रति अपने प्रेम और आदर को व्यक्त कर सकते हैं, जो एक सदाबहार बंधन है।

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